Mount Everest

माउंट एवरेस्ट (Mount Everest) विश्व की सबसे ऊँची चोटी है जिसके शीर्ष पर चड़ने का सपना हर mountaineer का होता है क्योंकि विपरीत परिस्थितियों में वहा पहुचना बड़ा मुश्किल होता है इसलिए आज हम आपको माउंट एवेरेस्ट (Mount Everest )से जुड़े ऐसे रोचक तथ्य बतायेंगे जिसे पढकर आप हैरान रह जायेंगे |

  1. माउंट एवेरेस्ट पर 200 से अधिक लोग मर चुके है जो एवेरेस्ट पर चढ़ते वक्त अब पर्वतारोहियों के निशान के रूप में काम आते है |
  2. माउंट एवेरेस्ट पर चढने का खर्च 1 लाख से लेकर चार लाख प्रति व्यकित पड़ता है जो रिस्क के आधार पर और पर्वतारोहीयो की सुविधा के आधार पर बढ़ता रहता है |
  3. माउंट एवेरेस्ट हर साल 4 मिलीमीटर की दर से वृद्धि कर रहा है |
  4. एक भारतीय महिला जिसने अपना एक पैर रेल दुर्घटना में गंवा दिया था , एवेरेस्ट पर चढने वाली पहली विकलांग महिला बनी |
  5. माउंट एवेरेस्ट की चोटी पर पानी का बोइलिंग पॉइंट 71 डिग्री सेल्सियस रहता है |
  6. माउंट एवेरेस्ट का नाम जॉर्ज एवेरेस्ट के नाम पर रखा गया |
  7. माउंट एवेरेस्ट पर चढने का खर्च 1 लाख से लेकर चार लाख प्रति व्यकित पड़ता है जो रिस्क के आधार पर और पर्वतारोहीयो की सुविधा के आधार पर बढ़ता रहता है |
  8. माउंट एवेरेस्ट की चोटी पर अब तक 5000 पर्वतारोही चढ़ चुके है जिसमे 13 साल के बच्चे से लेकर 76 वर्ष के बुजुर्ग तक चढ़ चुके है |
  9. 7-माउंट एवरेस्ट पर चढ़ने का पहला प्रयास 1921 में हुआ था,लेकिन यह मिशन फेल हुआ | इसके बाद लोगों ने ऐसे कई प्रयास किए और सभी या तो मारे गए या वापस लौट आए |
  10. माउंट एवेरस्ट पर अभीतक 19 भारतीयों ने एवेरेस्ट पर चढ़ने में सफलता हासिल की है .
  11. माउंट एवेरेस्ट की चोटी तक पहुँचने के लिए 18अलग –अलग रास्ते मौजूद है .
  12. संस्कृत में माउंट एवेरेस्ट पर्वत को देवगिरी कहा जाता है .अपनी विशालता की वजह से इसे विश्व का मुकुट भी कहा जाता है .
  13. 1. माउंट एवरेस्ट की ऊंचाई समुद्र तल से 8848 मीटर है और यह चोटी नेपाल में स्थित है।
  14. 6. एवरेस्ट की चोटी के ऊपर हवा की रफ्तार 321 किलोमीटर प्रती घंटे तक रहती है और यहां का तापमान माइनस 80 डिग्री फारेनहाइट तक जा सकता है।
  15. 8. एवरेस्ट पर चढ़ाई करने का सबसे उत्तम समय मार्च और मई के बीच में माना जाता है क्योंकि इस समय ना तो बारिश ज्यादा होती है और ना ही ज्यादा ठंड पड़ती है।
  16. माउंट एवेरस्ट पर चढ़ने वाली पहली महिला जापान की जुंको तबई थी जिसने 1975 में चोटी पर कदम रखा .
  17. 1976 में की गयी एक स्टडी के अनुसार शेरपा में हजारो वर्षो तक पहाड़ो में रहने के बाद विश्व के ऊँचे पहाड़ो पर रहने के लिए आनुवंशिक रूपांतर हो गया है जिससे ये पहाड़ो पर दूसरो एक मुकाबले आसानी से चढ़ जाते है .
  18. माउंट एवेरेस्ट के शिखर पर पहुंचने के जूनून को लेकर अब तक 200 से ज्यादा लोग अपनी जान गंवा चुके है .
  19. माउंट एवेरस्ट पर सबसे ज्यादा मौते शिखर के करीब के हिस्से में होती है जिसे ‘डेथ जोन’भी कहा जाता है लोग अकसर चढ़ाई करने के समय गलती करके अपनी गंवा बैठते है .
  20. वर्ष 2011 में दो नेपाली व्यक्ति सिर्फ 48मिनट में पैराग्लाडिंग की सहायता से माउंट एवेरेस्ट के शिखर से नीचे उतर गए. जब की चोटी से नीचे उतरने का औसतन समय 3 दिन है .
  21. माउंट एवेरेस्ट की चोटी पर का पत्थर जलीय लाइमस्टीन है जिससे यह अनुमान लगता है की 450मिलियन पूर्व एवेरेस्ट की चोटी समुद्रतल के नजदीक थी .
  22. माउंट एवेरेस्ट पर सबसे सुरक्षित वर्ष 1993 था जब 129 लोग चोटी तक पहुचे थे और केवल आठ लोगो की जान गयी थी |
  23. माउंट एवेरेस्ट की चोटी पर पहुचने वाला सबसे कम ऊम्र का व्यक्ति जॉर्डन रोमेरो था जिसने 2010 में केवल 13 साल की उम्र में यह कारनामा कर दिखाया था |
  24. माउंट एवेरेस्ट पर सबसे खतरनाक इलाका खुम्बू आइस फाल माना जाता है जहा अब तक 19 जाने जा चुकी है |
  25. बाबू चिरी शेरपा 1999 में एवेरेस्ट की चोटी पर 21.9 घंटे बिताकर सबसे लम्बे समय तक चोटी पर रहने का रिकॉर्ड बनाया |
  26. पर्वतारोही अमूमन 26,000 फीट की उंचाई पर ऑक्सीजन बोटल का इस्तेमाल करना शूर कर देते है |
  27. साउथ काल रास्ते से जाते वक्त हर साल 33,000 फीट लम्बी fixed Rope का प्रयोग किया जाता है |
  28. एवेरेस्ट पर तापमान कभी कभी शून्य से 60 डिग्री तक भी पहुच जाता है |
  29. जापानी महिला Tamae Watanabe एवेरेस्ट की चोटी पर पहुचने वाली सबसे वृद्ध महिला है जो 2012 में चोटी पर पहुची और उनकी उम्र 73 वर्ष है |
  30. 8. 2017 तक, एवरेस्ट पर लगभग 300 लोग मारे गए है, जिनमें से कई लोग के मृत शरीर अभी भी वही पड़े हुए है।
  31. माउंट एवेरेस्ट को सबसे पहले फ़तेह करने वाले दो लोग थे .1 तेनजिंग नोर्गे और 2 एडमंड हिलेरी .
  32. माउंट एवरेस्ट की चोटी से नीचे उतरने के लिए 3 दिन का समय लगता है लेकिन 2011 में 2 नेपाली पैरागलाडिंग की सहायता से मात्र 48 मिनट में नीचे उतर आए थे.

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