1. महाभारत के रचियता वेदव्यासजी थे.

2. महाभारत का वास्तविक नाम जयसंहिता था.

3. जुए मे हारकर पांडव को 12 वर्ष वनवास तथा 1 वर्ष अज्ञातवास मिला था।

4. जरासंध व भीम का मल्लयुद्ध 14 दिन तक चला ।

5. चक्रव्यूह मे फंसने के बाद अभिमन्यु को 6 महारथियो ने मिलकर मारा था।

6. गुरु द्रोणाचार्य के मागने पर एकलव्य ने दाहिने हाथ का अंगूठा काटकर दे दिया था.

7. भगवद् गीता महाभारत ग्रंथ का एक भाग है, जिसमे 18 अध्याय है।

8. महाभारत युद्ध के तीसरे दिन श्री कृष्ण ने अपनी प्रतिज्ञा तोडकर चक्र उठाकर भीष्म को मारने दौड पडे थे।

9. दुर्योधन के पुत्र का वध अर्जुन पुत्र अभिमन्यु ने किया था।

10. श्री कृष्ण के बडे भाई बलराम जी की मृत्यु समाधि लेकर हुई थी।

11. गांधारी का सबसे बड़ा पुत्र था – दुर्योधन।

12. भीम का केवल एक पुत्र जीवित रहा था जिसका नाम सर्वगा था | उसको परीक्षित से ज्यादा ज्येष्ठ होने के बावजूद सिंहासन नही सौपा गया | वो अपनी मातृभूमि काशी का शाषक बना था|

13. युधिष्टर ने वृहद्वासा से चौपड़ खेलना सिखा था जिन्होंने वनवास के दौरान नल और दमयन्ती की कहानी सुनाई थी|

14. पांड्वो में सबसे छोटा  भाई सहदेव भविष्य के बारे में सब जानता था | वो यह भी जानता था कि युद्ध होगा लेकिन चुप रहा क्योंकि उसे ये भेद किसी को बताने पर मृत्यु का अभिशाप मिला था|

15. जयद्रथ, जो कि अर्जुन के 16 वर्ष के पुत्र को चक्रब्यूह में फंसाने के लिए जिम्मेदार था, वास्तविकता में पांडव और कौरवो का एकमात्र जीजा था जिसने उनकी इकलौती बहन दुशाला से विवाह किया था|

16. धृतराष्ट्र का मुख्य सलाहकार विदुर यमराज का अवतार था जिसको छोटे कीड़े को मारने के कारण मंडूक मुनी ने अगले जन्म में शुद्र बनने का अभिशाप दिया था जबकि कीड़ा उनसे अज्ञानता से मर गया था|

17. अजीब, लेकिन सच है कि व्याघ गीता, अष्टावक्र गीता, पराशर गीता आदि जैसी 10 अन्य गीताएं भी हैं। हालांकि श्री भगवद् गीता, भगवान कृष्ण द्वारा दी गई जानकारी वाली शुद्ध और पूर्ण गीता है।

18. महाभारत में विदुर यमराज के अवतार थे। ये धर्म शास्त्र और अर्थशास्त्र के महान ज्ञाता थे। ऋषि मंदव्य के श्राप  की वजह से उन्हें मनुष्य योनी में जन्म लेना पड़ा था।

19. धर्म ग्रंथों के अनुसार 33 मुख्य भगवान हैं और उनमें से एक हैं अष्ट वसु जिनका जन्म शांतनु और गंगा के पुत्र के रूप में हुआ था। उनकी आठवीं संतान भीष्म थी।

20. भविष्यवाणी करने के लिए ज्योतिषि नक्षत्रों पर निर्भर रहते थे क्योंकि महाभारत युग में कोई राशि चिह्न नहीं था। नक्षत्रों में रोहिणी पहले स्थान पर था न कि अश्विनी।

21. कहते हैं श्री कृष्ण की 16100 रानियां व 8 पटरानियां थी। ये सभी 8 पटरानियां उनकी विवाहित पत्नियां थी। इनका नाम रुक्मणि, जाम्बवंती, सत्यभामा, कालिंदी, मित्रवृंदा, सत्या, भद्रा और लक्ष्मणा था।

22. धृतराष्ट्र के दो पुत्रों, विकर्ण और युयुत्सु ने दुर्योधन की अनुचित नीतियों और कार्यों के खिलाफ थे और वास्तव में द्रौपदी को अपमानित करने वाले पासा के खेल का विरोध किया था।

23. धृतराष्ट्र के 101वें पुत्र का नाम युयुत्सु था। युयुत्सु उनका इकलौते ऐसा पुत्र थे, था, जो महाभारत के भीषण युद्ध के बाद भी जीवित बच गया था।

24. महाभारत युद्ध की समाप्ति पर अर्जुन और श्रीकृष्ण के रथ से उतरते ही रथ धू-धूकर जल उठा और पूरी तरह भष्म हो गया था।

25. यदुवंशी राजा शूरसेन की पृथा नामक कन्या व वसुदेव नामक पुत्र था। इस कन्या को राजा शूरसेन अपनी बुआ के संतानहीन लड़के कुंतीभोज को गोद दे दिया था। कुंतीभोज ने इस कन्या का नाम कुंती रखा। कुंती का विवाह राजा पाण्डु से हुआ था।

26. जब गंगा आंठवी संतान को नदी में प्रवाहित करने जा रही थी तब राजा शांतनु ने क्रोध में आकर उससे इसका कारण पूछा। तब देवी गंगा ने उन्हें पिछले जन्म की पूरी बात बताई और वह शांतनु की आठवी संतान को लेकर अन्यत्र चली गई।

27. महाभारत में विदुर यमराज के अवतार थे। यमराज को ऋषि माण्डव्य के श्राप के कारण मनुष्य योनि में जन्म लेना पड़ा। विदुर धर्म शास्त्र और अर्थशास्त्र में बड़े निपुण थे। उन्होंने जीवनभर कुरुवंश के हित के लिए कार्य किया।

28. भविष्यवाणी करने के लिए ज्योतिषि नक्षत्रों पर निर्भर रहते थे क्योंकि महाभारत युग में कोई राशि चिह्न नहीं था। नक्षत्रों में रोहिणी पहले स्थान पर था न कि अश्विनी।

29. जयद्रथ , जो कि अर्जुन के 16 वर्ष के पुत्र को चक्रब्यूह में फंसाने के लिए जिम्मेदार था , वास्तविकता में पांडव और कौरवो का एकमात्र जीजा था जिसने उनकी इकलौती बहन दुशाला से विवाह किया था |

30. श्रीकृष्ण बोले कि मैंने अर्जुन को पहले देखा है तो इस हिसाब से मुझे पाण्डवों की ओर होना चाहिए। लेकिन धर्म संकट में पड़े श्रीकृष्ण ने दोनों ओर से मदद करने का फैसला किया। वे बोले कि उनकी सेना कौरवों का समर्थन करेगी और वे स्वयं पाण्डवों की ओर से बिना शस्त्र धारण किए अर्जुन के सारथी बनेंगे। यह सुन दुर्योधन खुश हो गए।

31. महाभारत युद्ध के दौरान कौरव सेना मे पांच सेनाध्यक्ष बनाये गये थे।

32. महाभारत के युद्ध मे पाडंव और कौरव की सेनाओ का अनुपात 7:11 का था।

33. श्री कृष्ण के बडे भाई बलराम जी की मृत्यु समाधि लेकर हुई थी।

34. महाभारत युद्ध के तीसरे दिन श्री कृष्ण ने अपनी प्रतिज्ञा तोडकर चक्र उठाकर भीष्म को मारने दौड पडे थे।

35. एकलव्य का पुनर्जन्म द्रौपदी के जुड़वा भाई धृष्टद्युम्न के रूप में हुआ था। रुक्मणी के अपहरण के दौरान कृष्ण ने उन्हें मार डाला था। इसलिए, गुरु दक्षिणा के तौर पर कृष्ण ने उन्हें पुनर्जन्म लेने और द्रोणा से बदला पूरा करने का वरदान दिया था।

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