छींक क्यों आती हें जानिए कुछ रोचक तथ्य

  1. छींक एक ऐसी क्रिया हें जिसका आने पर हमारा शरीर भी नियंत्रण नहीं कर पता हें, क्योकि इसकी गति बहुत तेज होती हें. छींक की रफ़्तार 100 मिल प्रति होती हें एक छींक के साथ लगभग 100000 जर्म वातावरण में मुक्त होते हें.
  2. यदि कोई जातक सुबह 6 बजे से 10 बजे तक पूर्व की दिशा में छींकने की आवाज सुनता है तो उस दिन कई प्रकार कष्ट झेलने पड़ सकते है।
  3. सोने पूर्व और जागने के तुरन्त बाद छींक का सुनना अशुभ माना जाता है।
  4. छींक रोकने से आँखों पर प्रभाव पड़ता हें और गर्दन में मोच भी आ सकती हें.
  5. तापमान में अचानक आने वाली ठंडक से भी छींक आती हें, ठंडी हवा लगने से छींक आ सकती हें.
  6. एलर्जी के करण भी छींक आती हें.
  7. छींक आना इंसान के शरीर की इम्यून प्रोसेस का एक हिस्सा हें.
  8. छींकना या जिसे मेडिकल भाषा में sternutation कहते हें.
  9. छींक आना हमारे शरीर के सुरक्षा तंत्र का ही एक हिस्सा है।
  10.  आपने ये तो सुना होगा की धुप में रहने से स्किन डल हो जाती हें, लेकिन क्या आप ये जानते हें की धुप में ज्यादा रहना छींक का कारण भी बन सकता हें धुप से छींक की नसे संक्रिय हो जाती हें जिससे धुप में चलते वक्त भी छींक आ जाती हें.
  11.  कभी – कभी आपको इतनि जोरदार छींक आती हें की आपका अंग अंग हिला सा महसूस होता हें छिकने के बाद ऐसा लग्न लाजमी हें, क्योकि जब आप छीकते हें तब आपको गले, डायफ्राम,पेट और साइन की मांसपेशियों में खिचाव महसूस होता हें जिसके करण इन अंगो का वर्कआउट हो जाता हें.
  12.  यदि आपको छींक आ रही हें तो आपको नीद नीद नहीं आ सकती हें या यु कहे जब आप सोते हे तो छींक नहीं आ सकती हे, क्योकि उस समय नसे आराम की अवस्था में होती हें आपके साथ छींक से जुडी नसों को भी आराम मिलता हें इसलिए कभी भी नीद के दोरान आपको छींक नहीं आ सकती हें.
  13.  छींक वह क्रिया है जिसमें फेफड़ों से हवा नाक और मुह के रास्ते अत्यधिक तेजी से बाहर निकाली जाती है।
  14.  छींक आमतौर पर तब आती है जब हमारी नाक के अंदर की झिल्ली, किसी बाहरी पदार्थ के घुस जाने से खुजलाती है।
  15.  ऐसे में जब हम छींक रोकते हैं तो वो प्रेशर हमारे नाक या गले की कोशिकाओं पर दबाव डालकर उन्हें नुकसान पहुंचा सकता है. कई बार इसका असर दिमाग पर भी हो जाता है.
  16.  छींकते समय आपका दिल एक सेकंड के लिए रुक जाता हें.
  17.  आँखों खोलकर छींक लगाना नामुमकिन हें.
  18.  अमेरिका के नेब्रास्का शहर की किसी चर्च में अगर आपने छींक मारी तो आपके उपर क़ानूनी करवाई हो सकती हें.
  19.  छींक (Sneeze) आने पर लोग अक्सर सामने वाले को शुभकामना (Wishes) देने लगते है क्योंकि ये जानकर शायद आपको बहुत हैरानी होगी कि छींक आपके स्वास्थ्य (Health) के लिए बहुत अच्छी होती है.
  20.  छींक लाने में करीब-करीब सारा शरीर क्रियारत हो जाता है। जिसमें नाक, कान , आँख, मष्तिष्क, फेफड़े, पेट सब का योगदान होता है।
  21.  एक छींक में करीब 40000 तक जलकण हो सकते हैं।
  22.  छींक को तो रोकना नहीं चाहिए पर इसके आने की क्रिया जब महसूस होने लगे तो नाक को मल कर या ऊपर के होंठ को नाक के नीचे वाली जगह पर दबा कर या गहरी सांस ले इसे रोका जा सकता है।
  23.  इंसान ही नहीं जानवरों, #पार्थ जैसे कुत्ता, बिल्ली, बंदर, मुर्गे यहां तक कि पानी में रहने वाली मछलियों को भी छींक आती है।
  24.  लगातार छींक आने पर थोड़ी-सी हींग लें। इसकी गंध को सूंघे। यह उपाय आपको बार-बार छींक आने की समस्या से राहत पहुंचाता है।
  25.  छींक के बाद लोगो को ‘गोर्ड ब्लेस यु’ कहते हुए सुना होगा मगर ये जानकर शायद आपको बहुत हेरानी होगी की छींक आपके स्वास्थ्य के लिए बहुत अच्छी हें. छींकने से शरीर के हानिकारक जर्म बाहर निकलते हें. और यह प्रतिरोधी तंत्र की प्रक्रिया का जरुरी हिस्सा हें सेहतमंद जीवन के लिए छींक का आना भी जरुरी हें.

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